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कुंडली मिलान

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कुंडली मिलान

विवाह केवल दो व्यक्तियों का मिलन नहीं, बल्कि दो परिवारों और दो ऊर्जाओं का भी संयोग होता है। वैदिक ज्योतिष में कुंडली मिलान का अत्यधिक महत्व है, क्योंकि यह सुनिश्चित करता है कि दंपति का वैवाहिक जीवन सुखमय और समृद्ध हो। मनुस्मृति में उल्लेख है कि विवाह संस्कार के लिए जातक और जातिका की कुंडली का मिलान आवश्यक है, जिससे उनके ग्रहों की संगति और जीवन में आने वाली चुनौतियों का पूर्वानुमान लगाया जा सके।


कुंडली मिलान से यह जाना जा सकता है कि दोनों व्यक्तियों के स्वभाव, सोच और जीवन के लक्ष्य कितने सामंजस्यपूर्ण हैं। सही मिलान से वैवाहिक जीवन में मानसिक, भावनात्मक और शारीरिक संतुलन बना रहता है।

“धर्मार्थकाममोक्षाणां, कारणं विवाहः स्मृतम्।”

अर्थात: विवाह केवल सांसारिक जीवन का एक भाग नहीं है, बल्कि यह चार पुरुषार्थों – धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष की प्राप्ति का आधार भी है।
कुंडली मिलान में विशेष रूप से अष्टकूट मिलान किया जाता है, जिसमें वर्ण, वश्य, तारा, योनि, ग्रह मैत्री, गण, भकूट और नाड़ी मिलान प्रमुख होते हैं। इन सभी कूटों का अध्ययन कर यह समझा जाता है कि दंपति के बीच मानसिक, शारीरिक और आध्यात्मिक तालमेल कितना अच्छा रहेगा। कुंडली मिलान केवल गुणों का योग नहीं, बल्कि दो आत्माओं के बीच संतुलन का मूल्यांकन भी है। सही मिलान से वैवाहिक जीवन में प्रेम, समझ और दीर्घकालिक स्थिरता बनी रहती है।आज के आधुनिक युग में भी ज्योतिषीय दृष्टिकोण से विवाह पूर्व कुंडली मिलान को वैज्ञानिक आधार और पारिवारिक सुख का आधार माना जाता है। नारद संहिता में कहा गया है कि विवाह से पहले कुंडली मिलान न करने से भविष्य में जीवनसाथी के बीच मतभेद और अशांति उत्पन्न हो सकती है।

“यत्र न स्यात् ग्रहसाम्यं, तत्र दुःखं न संशयः।”(नारद संहिता)

अर्थात: जहाँ ग्रहों की समानता (सामंजस्य) नहीं होती, वहाँ वैवाहिक जीवन में निश्चित रूप से कष्ट उत्पन्न होते हैं|


कुंडली मिलान के माध्यम से यह भी देखा जाता है कि मंगल दोष, नाड़ी दोष या भकूट दोष जैसी समस्याएँ तो नहीं हैं, क्योंकि ये दोष वैवाहिक जीवन को प्रभावित कर सकते हैं। ग्रहों की असंतुलित स्थिति कई बार अच्छे संबंधों में भी दरार ला सकती है। इसलिए विवाह से पूर्व कुंडली का गहन विश्लेषण आवश्यक माना गया है। यदि कोई दोष पाया जाता है, तो उचित उपायों द्वारा उसका निवारण किया जाता है, जिससे वैवाहिक जीवन सुखद और मंगलमय बने।