नवग्रह शांति पूजा: जीवन में संतुलन और समृद्धि के लिए एक दिव्य अनुष्ठान
|| ॐ ब्रह्मा मुरारिस्त्रिपुरान्तकारी भानुः शशी भूमिसुतो बुधश्च ||
|| गुरुश्च शुक्रः शनि राहु केतवः सर्वे ग्रहा शांति करा भवंतु ||
सम्पूर्ण नवग्रह शांति
शास्त्रों के अनुसार, जिस भी जातक की कुंडली में ग्रहों से संबंधित कोई दोष होता है, उसे नवग्रह शांति पूजा करने की सलाह दी जाती है। मान्यता है कि इस पूजा को करने से नवग्रहों के सभी दोषों से मुक्ति मिलती है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है। नवग्रहों का प्रभाव हमारे भाग्य, कर्म, और जीवन की दिशा को नियंत्रित करता है।

नवग्रह शांति पूजा क्या है?
नवग्रह शांति पूजा का आयोजन उन लोगों के लिए किया जाता है, जिनकी कुंडली में ग्रहों की नकारात्मक स्थिति के कारण विभिन्न प्रकार की समस्याएं उत्पन्न होती हैं। यह पूजा विशेष रूप से उन लोगों के लिए लाभकारी होती है जिनके जीवन में अकारण बाधाएँ, वित्तीय समस्याएँ, स्वास्थ्य से जुड़ी कठिनाइयाँ, और पारिवारिक तनाव बना रहता है।
यह अनुष्ठान सभी नौ ग्रहों को शांत करके उनके सकारात्मक प्रभावों को जीवन में आमंत्रित करने का माध्यम है।
सम्यक विधि से की गई नवग्रह शांति पूजा व्यक्ति के जीवन में संतुलन, मानसिक शांति और समृद्धि लेकर आती है।
नवग्रहों का महत्व और उनकी विशेषताएँ
सूर्य – आत्मा, स्वास्थ्य, और नेतृत्व क्षमता का कारक।
चंद्र – मानसिक शांति, समृद्धि, और भावनात्मक स्थिरता प्रदान करता है।
मंगल – साहस, ऊर्जा, और विजय का प्रतीक।
बुध – बुद्धि, तर्कशक्ति, और व्यापार में सफलता दिलाता है।
गुरु (बृहस्पति) – ज्ञान, धर्म, और अध्यात्मिक उन्नति में सहायक।
शुक्र – ऐश्वर्य, सौंदर्य, और सुख-संपत्ति का दाता।
शनि – धैर्य, कर्मफल, और न्याय का प्रतीक।
राहु – छाया ग्रह जो कर्मों के फल को प्रभावित करता है।
केतु – मोक्ष, ध्यान और आध्यात्मिक उन्नति का कारक।

नवग्रह शांति पूजा के लाभ
- नवग्रहों के दुष्प्रभावों को कम करता है।
- धन, स्वास्थ्य, और परिवार में सुख-शांति प्रदान करता है।
- कालसर्प दोष, पितृ दोष, और शनि की साढ़े साती से मुक्ति मिलती है।
- विवाह, शिक्षा, व्यवसाय और नौकरी में आने वाली बाधाओं को दूर करता है।
हवन और मंत्रों द्वारा नवग्रह शांति का महत्व
हवन भारतीय सनातन परंपरा का एक महत्वपूर्ण भाग है जो न केवल आध्यात्मिक उन्नति बल्कि पर्यावरण को शुद्ध करने में भी सहायक होता है। नवग्रह शांति के लिए विशेष मंत्रों का जाप और हवन करने से कुंडली में मौजूद ग्रहों के दोषों का निवारण होता है।
|| ॐ ब्रह्मा मुरारिस्त्रिपुरान्तकारी भानुः शशी भूमिसुतो बुधश्च ||
|| गुरुश्च शुक्रः शनि राहु केतवः सर्वे ग्रहा शांति करा भवंतु ||
उज्जैन में नवग्रह शांति पूजा का महत्व
उज्जैन, जिसे ज्योतिष और तंत्र विद्या का केंद्र माना जाता है, नवग्रह शांति पूजा के लिए अत्यंत शुभ स्थल है। यहाँ की आध्यात्मिक ऊर्जा, महाकालेश्वर मंदिर की उपस्थिति, और पवित्र शिप्रा नदी के जल से किया गया हवन नवग्रहों को शांत करने में अति प्रभावशाली माना जाता है।
नवग्रह शांति पूजा एक अत्यंत प्रभावशाली उपाय है, जो जीवन के विभिन्न पहलुओं में आ रही बाधाओं को दूर करने में सहायक है। यदि किसी व्यक्ति को नवग्रहों से संबंधित समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है, तो उसे इस पूजा का आयोजन करके ग्रहों के दोषों को शांत कराना चाहिए। नवग्रह मंत्रों के जाप और हवन के माध्यम से ग्रहों की कृपा प्राप्त कर जीवन में सुख-समृद्धि और सफलता हासिल की जा सकती है।
|| ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः ||