गुरु चांडाल दोष: कारण, स्वरूप और आंतरिक प्रभाव
गुरु चांडाल दोष तब उत्पन्न होता है जब बृहस्पति (गुरु) ग्रह जन्म कुंडली में राहु या केतु के साथ एक ही भाव में स्थित होता है। बृहस्पति जहाँ ज्ञान, धर्म, नीति, गुरु तत्व और शुभ संस्कारों का प्रतिनिधित्व करता है, वहीं राहु भ्रम, छल, अधर्म और छाया का संकेतक है।
जब ये दोनों शक्तिशाली ग्रह एक साथ आते हैं, तो मानसिक, आध्यात्मिक और सामाजिक स्तर पर विकृति उत्पन्न होती है। यह दोष व्यक्ति की सोच को भ्रमित करता है, नैतिकता को गिराता है और उसे आत्ममूल्यांकन की क्षमता से वंचित करता है।
“यह दोष केवल ग्रहों की युति नहीं, बल्कि ज्ञान और छाया का संघर्ष है।”

गुरु चांडाल दोष के जीवन में दिखाई देने वाले प्रभाव
- धार्मिक आस्था में गिरावट, गुरुजनों के प्रति अनादर
- गलत निर्णय, बार-बार असफलता, और जीवन में दिशाहीनता
- विवाह में देरी या असफलता, वैवाहिक जीवन में अस्थिरता
- करियर में बाधाएं, बार-बार जॉब छूटना या गलत क्षेत्रों में जाना
- गुरु से संबंधित पाप (अभिमान, ज्ञान का अपमान या अपात्र को शिक्षा देना)
वैदिक दृष्टिकोण से गुरु चांडाल दोष का निवारण
शास्त्रों के अनुसार यह दोष तभी शांत होता है जब व्यक्ति गुरु तत्व को पुनः जाग्रत करे और राहु-केतु की नकारात्मक ऊर्जा का वैदिक अनुष्ठानों द्वारा शमन किया जाए।
यह दोष किसी “तांत्रिक क्रिया” से नहीं, अपितु श्रद्धा, विनय, और वैदिक विधियों से शांत होता है।
गुरु चांडाल दोष पूजा की विधियाँ और प्रमुख वैदिक अनुष्ठान
1 गुरु ग्रह शांति पूजा
- गोमेद रत्न शुद्धि, पीपल व्रक्ष का पूजन, पीला वस्त्र व दक्षिणा दान
- 108 बार गुरु बीज मंत्र का जप: -“ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं सः गुरवे नमः”
2 राहु शांति यज्ञ एवं बीज मंत्र जाप
- नीला पुष्प, काले तिल और उड़द से हवन
- “ॐ भ्रां भ्रीं भ्रौं सः राहवे नमः” मंत्र का जाप
विशेषकर शनि-राहु काल में किया गया जाप अत्यंत प्रभावी होता है
उज्जैन में गुरु चांडाल दोष पूजा का विशेष महत्व
उज्जैन भारत की धार्मिक और कालिक ऊर्जा का केंद्र है। यहाँ श्री महाकालेश्वर, कालभैरव, और नवग्रह मंदिर के शक्तिपीठों में गुरु-राहु दोष की शांति के लिए विशेष अनुष्ठान किये जाते हैं।
विशेष कारण उज्जैन को श्रेष्ठ मानने के:
- उज्जैन को कालचक्र का केन्द्र माना जाता है – राहु व गुरु दोष से मुक्ति हेतु श्रेष्ठ
- यहाँ का “काल सर्प शांति तीर्थ” और “गुरु ग्रह पिंडी” विशेष रूप से सक्रिय माने जाते हैं